मार्च में UPI रेस में सबसे आगे फोनपे, बनाया 10 अरब लेनदेन का रिकॉर्ड
क्या है खबर?
भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और इसी बीच फोनपे ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। मार्च महीने में कंपनी ने 10 अरब से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन पूरे किए। यह पहली बार है जब किसी ऐप ने यह आंकड़ा पार किया है। इससे साफ है कि देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और लोग बड़ी संख्या में रोजमर्रा के कामों के लिए UPI का उपयोग कर रहे हैं।
गूगल पे
गूगल पे भी पीछे नहीं
गूगल पे भी इस दौड़ में मजबूत बना हुआ है। मार्च में इस ऐप ने करीब 7.5 अरब ट्रांजैक्शन किए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 10 लाख करोड़ रुपये रही। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के डाटा के मुताबिक, गूगल पे देश का दूसरा सबसे बड़ा UPI प्लेटफॉर्म है। लगातार बढ़ते इस्तेमाल से साफ है कि दोनों ऐप्स के बीच कड़ी टक्कर बनी हुई है और यूजर्स दोनों प्लेटफॉर्म का जमकर उपयोग कर रहे हैं।
ट्रांजैक्शन
कुल UPI ट्रांजैक्शन में भारी बढ़ोतरी
मार्च महीने में पूरे देश में UPI के जरिए 22.6 अरब ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 29.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही। फोनपे ने अकेले 14.48 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन किए, जो एक बड़ा आंकड़ा है। इससे यह भी पता चलता है कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है और छोटे से बड़े लेनदेन तक में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है।
दबदबा
मार्केट में दो ऐप्स का दबदबा कायम
UPI मार्केट में फोनपे और गूगल पे का दबदबा बना हुआ है। फोनपे का मार्केट शेयर करीब 45 प्रतिशत है, जबकि गूगल पे का हिस्सा 33 प्रतिशत के आसपास है। पेटीएम तीसरे नंबर पर है, जिसने मार्च में 1.7 अरब ट्रांजैक्शन किए। इसके अलावा नवी, BHIM और सुपर मनी जैसे नए ऐप्स भी धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं और मार्केट में प्रतिस्पर्धा को मजबूत बना रहे हैं।