पेंशन फंड नियामक ने NPS और अटल पेंशन योजना के लिए कड़े किए ऑडिट नियम
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) के लिए नए ऑडिट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
किस प्रदाता का ऑडिट कितनी बार होगा, यह उसके पास मौजूद ग्राहकों की संख्या पर निर्भर करेगा। इन नए नियमों का मकसद ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा देना और इनका पालन और भी कड़ाई से करवाना है।
ऑडिट के लिए निर्धारित की खातों की सीमा
जो प्रदाता 10,000 या उससे ज्यादा NPS खाते संभालते हैं, उनका ऑडिट हर साल होगा, वहीं कम खाते वाले प्रदाताओं की जांच हर 3 वित्तीय वर्षों में एक बार की जाएगी।
APY के लिए भी ऐसा ही नियम है। अगर, किसी प्रदाता के पास एक लाख या उससे ज्यादा ग्राहक हैं तो उनका सालाना ऑडिट होगा। अन्य मामलों में ऑडिट हर 3 साल में एक बार किया जाएगा।
इसके अलावा, 1,000 से कम APY खाते वाले पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoPs) को ऑडिट रिपोर्ट जमा करने से छूट मिली है।
बढ़ा दिया ऑडिट जांच का दायरा
इन ऑडिट में सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं देखी जाएगी, बल्कि ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया, KYC जांच, योगदान की प्रोसेसिंग, साइबर सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम और धोखाधड़ी रोकने के तरीकों को भी परखा जाएगा। खास तौर पर NPS प्रदाताओं की जांच उन योगदानों पर भी होगी, जो अभी तक क्लियर नहीं हुए हैं और उनके काम को तय समय पर पूरा करने की क्षमता पर भी गौर किया जाएगा।
दूसरी तरफ, APY प्रदाताओं को यह साबित करना होगा कि वे सरकार के योगदान और मृत्यु दावों को सही ढंग से निपटाते हैं। अगर, कोई प्रदाता ऑडिट की तय समय सीमा का पालन नहीं करता है तो उस पर नियामक कार्रवाई हो सकती है। इसमें प्राधिकरण द्वारा सीधे तौर पर जांच शुरू करना भी शामिल है।