प्राइवेट इक्विटी कंपनियां एशिया में AI और रिन्यूएबल एनर्जी में कर रहीं भारी निवेश
पश्चिमी एशिया में चल रहे तनावों के बीच KKR, ब्लैकस्टोन, TPG, कार्लाइल, अपोलो और ब्रुकफील्ड जैसी बड़ी प्राइवेट इक्विटी (PE) कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी में पहले से कहीं ज्यादा निवेश कर रही हैं।
इस साल की शुरुआत में तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन की संभावित दिक्कतों की चिंताएं होने के बावजूद इन कंपनियों को भारत और पूरे एशिया में बड़े अवसर दिखाई दे रहे हैं।
इन कंपनियों का भारत में बढ़ा दांव
दुनिया की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और AI की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए ये PE फंड अब बिजली के ग्रिड, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डाटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों में खूब पैसा लगा रहे हैं।
KKR भारत में पुरानी आउटसोर्सिंग के बजाय डिजिटल अपग्रेड पर खास ध्यान दे रहा है। TPG ने भी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के साथ 6 अरब डॉलर (करीब 550 अरब रुपये) के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है।
दूसरी ओर, ब्लैकरॉक ने अपने एशिया प्राइवेट इक्विटी फ्लैगशिप फंड के लिए अब तक करीब 12 अरब डॉलर (करीब 1,100 अरब रुपये) जुटा लिए हैं।
इसके अलावा, कार्लाइल, अपोलो और ब्रुकफील्ड जैसी कंपनियां भी वैश्विक अनिश्चितता से निपटने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और बिजली या इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी 'हार्ड एसेट्स' पर दांव लगा रही हैं।