पालो अल्टो भारत में साइबर सुरक्षा में क्षेत्र में तेजी से कर रही विस्तार
पालो अल्टो नेटवर्क्स भारत में तेजी से अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से बढ़ रहे साइबर खतरों से निपटा जा सके।
कंपनी के अध्यक्ष विलियम डी जेनकिंस जूनियर का कहना है कि बैंकिंग, टेलीकॉम और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों की भारत की कंपनियां अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रही हैं।
उनका कहना है कि AI अब छोटे कारोबारों को भी साइबर सुरक्षा को गंभीरता से लेने पर मजबूर कर रहा है।
कंपनी ने की 1,293.9 करोड़ रुपये की कमाई
भारत पालो अल्टो के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार बन गया है। कंपनी की भारतीय यूनिट ने वित्त वर्ष 2025 में 1,293.9 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है।
यही नहीं, एशिया में कंपनी के 3 सबसे बड़े सौदे भी भारत से ही हुए हैं। कंपनी अपने विस्तार के लिए एयरटेल बिजनेस, टाटा कम्युनिकेशंस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख साझेदारों के साथ मिलकर काम करती है।
मिथोस जैसे मॉडल्स के कारण बढ़ी जोखिम
एंथ्रोपिक के मिथोस जैसे नए AI मॉडल, जहां एक तरफ सुरक्षा कमियों को उजागर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इनके गलत इस्तेमाल से साइबर हमले और आसान हो सकते हैं।
इसी के चलते छोटे भारतीय कारोबारों ने भी अब सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। इसकी एक मुख्य वजह सरकार के कड़े तकनीकी नियम भी हैं, जो हर क्षेत्र में बेहतर सुरक्षा को अनिवार्य बनाते हैं।