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पहलगाम हमले को एक साल, एविएशन सेक्टर पर क्यों बना है दबाव?

पहलगाम हमले को एक साल, एविएशन सेक्टर पर क्यों बना है दबाव?

Apr 22, 2026
10:12 am

क्या है खबर?

पहलगाम में हुए आतंकी हमले को 1 साल हो गए हैं। 22 अप्रैल, 2025 को हुए इस हमले में 25 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को रोक दिया। जवाब में पाकिस्तान ने 24 अप्रैल, 2026 से भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। एक साल बाद भी यह बंद है, जिससे भारत के एविएशन सेक्टर पर लगातार दबाव बना हुआ है।

असर

उड़ानों के समय और रूट पर असर

एयरस्पेस बंद होने से एयर इंडिया की दिल्ली से यूरोप, अमेरिका और कनाडा जाने वाली उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। कई उड़ानों का समय घंटों बढ़ गया और नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स को बीच में रुकना पड़ा है। एयर इंडिया को वियना और कोलकाता जैसे शहरों में टेक्निकल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं। इससे यात्रियों को देरी, कनेक्शन मिस होने जैसी दिक्कतें आईं और एयरलाइंस का ईंधन खर्च और ऑपरेशन लागत भी काफी बढ़ गई।

एयरलाइंस

दूसरी एयरलाइंस और घरेलू उड़ानें भी प्रभावित

इंडिगो जैसी एयरलाइंस को भी अपने ऑपरेशन में बदलाव करना पड़ा है। कंपनी ने यूरोप के लिए उड़ानों को दिल्ली और मुंबई के बीच बांट दिया है। घरेलू स्तर पर भी असर दिखा, जहां श्रीनगर रूट पर पहले रोज 50 से ज्यादा उड़ानों की उम्मीद थी, लेकिन हालात के कारण इतनी संख्या नहीं हो पाई। कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और यात्रियों की संख्या में भी गिरावट देखने को मिली है।

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लागत

क्रू, मेंटेनेंस और लागत में बढ़ोतरी

एयरस्पेस बंद होने से लंबी दूरी की उड़ानों में अतिरिक्त लैंडिंग करनी पड़ी, जिससे क्रू शेड्यूल पूरी तरह बदल गया है। हर अतिरिक्त टेक-ऑफ और लैंडिंग से विमान के पार्ट्स पर दबाव बढ़ा, जिससे मेंटेनेंस लागत भी बढ़ गई। क्रू को यूरोप में नई जगहों पर ठहराना पड़ा, जिससे खर्च और बढ़ा है। इन सब कारणों से एयरलाइंस की कुल लागत काफी ज्यादा हो गई और ऑपरेशन संभालना मुश्किल होता गया।

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अन्य

क्रैश और तेल कीमतों ने बढ़ाई परेशानी

जून में अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था, जिसमें एक यात्री को छोड़कर बाकी सभी की मौत हो गई। इस हादसे के बाद यात्रियों का भरोसा कम हुआ और ट्रैफिक घट गया। वहीं, इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। इससे एयरलाइंस का खर्च और बढ़ गया और मुनाफा कमाना और मुश्किल हो गया।

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