पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद से अब तक 10,000 से अधिक भारतीय उड़ानें रद्द
क्या है खबर?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र में व्यवधान जारी रहने के कारण 28 फरवरी से भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ दी हैं। इससे कुल 10.79 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए हैं। 5 अप्रैल को ही 284 उड़ानें रद्द की गई थी। दूसरी तरफ प्रतिबंधों के शुरू होने के बाद से 73 लाख से अधिक यात्री हवाई सेवा के जरिए भारत आ चुके हैं।
आंकड़ा
कितना रहा रद्द उड़ानों का आंकड़ा?
हिंदुस्तान टाइम्स को एक अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी से 5 अप्रैल के बीच भारतीय एयरलाइंस ने 10,341 उड़ानें रद्द कीं, जबकि विदेशी कंपनियों ने 2,177 उड़ानें रद्द कीं। पश्चिम एशिया के प्रमुख हवाई क्षेत्रों में लगे प्रतिबंधों के कारण व्यवधान उत्पन्न हुआ है, जिससे एयरलाइंस को उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा है, लंबी दूरी की उड़ानें संचालित करनी पड़ी हैं या रद्द करनी पड़ी हैं। इसमें 17 मार्च के बाद जारी निर्देशों में कोई बदलाव नहीं आया।
NSOP
NSOP के माध्यम से लाए गए यात्री
उड़ान मार्गों के प्रतिबंध के बावजूद भारतीय एयरलाइंस ने निर्धारित और नेशनल स्पेस ऑफ ऑपरेटिंग प्रोवाइडर्स (NSOP) के मिश्रण के माध्यम से विशेष रूप से अधिक मांग वाले भारत-पश्चिम एशिया मार्गों पर संपर्क बनाए रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से 3 अप्रैल के बीच 24 लाख यात्रियों को वापस लाया गया और 45 NSOP उड़ानें संचालित कीं। विदेशी एयरलाइंस ने इसी अवधि में 443 लाख यात्रियों को परिवहन किया और 18,924 NSOP उड़ानें संचालित कीं।