OpenAI पर अब इन कंपनियों ने किया कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI के खिलाफ एक और कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर हुआ है। इस बार एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका और मेरियम-वेबस्टर ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि OpenAI ने उनके कंटेंट का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। यह मामला AI मॉडल्स को ट्रेन करने के तरीके और कॉपीराइट कानून को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आया है, जिससे टेक और मीडिया इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है।
आरोप
कंपनी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मुकदमे में आरोप है कि OpenAI ने ब्रिटानिका के लगभग 100,000 कॉपीराइट वाले आर्टिकल्स को बिना इजाजत स्क्रैप कर अपने AI मॉडल्स को ट्रेन किया। पब्लिशर्स का कहना है कि ChatGPT के कुछ जवाबों में उनके कंटेंट के हिस्से सीधे दिखाई देते हैं। इसके अलावा, कंपनी पर ट्रेडमार्क कानून के उल्लंघन का भी आरोप है, क्योंकि AI के गलत जवाब पब्लिशर के नाम से जुड़कर उनकी साख को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
चिंता
पब्लिशर्स की चिंता क्या है?
ब्रिटानिका और मेरियम-वेबस्टर का कहना है कि AI सिस्टम उनके कंटेंट का इस्तेमाल कर सीधे उनके काम से मुकाबला कर रहे हैं। इससे उनकी वेबसाइट पर आने वाला ट्रैफिक और कमाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि AI से गलत जानकारी फैलने पर भरोसेमंद सोर्स की विश्वसनीयता कम हो सकती है। पब्लिशर्स चाहते हैं कि उनके कंटेंट का इस्तेमाल बिना अनुमति न किया जाए और इसके लिए नियम स्पष्ट हों।
कानूनी चुनौती
AI कंपनियों पर बढ़ती कानूनी चुनौती
यह मामला OpenAI के खिलाफ बढ़ते कानूनी मामलों की सूची में जुड़ गया है। इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स और कई मीडिया कंपनियां भी इसी तरह के आरोप लगा चुकी हैं। अमेरिका और कनाडा के कई अखबारों ने भी मुकदमे दायर किए हैं। वहीं कोर्ट में यह सवाल अभी भी साफ नहीं है कि AI ट्रेनिंग में कॉपीराइट कंटेंट का इस्तेमाल कितना कानूनी है, जिस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।