इजरायल के ईरान पर हमले के बाद फिर बढ़े कच्चे तेल के दाम
इजरायल ने सोमवार (8 जून) को लेबनान पर एक बार फिर हमले किए। इसके चलते पूरे इलाके में शांति बनाए रखने को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गईं और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता होना और भी मुश्किल हो गया।
इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता और ज्यादा बढ़ गई। इससे कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।
तेल की आपूर्ति में आ रही रुकावट
अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 2.32 प्रतिशत बढ़कर 92.64 डालर (करीब 8,600 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गई, वहीं ब्रेंट क्रूड भी 2.5 प्रतिशत बढ़कर 95.42 डालर (करीब 8,900 रुपये) प्रति बैरल हो गया।
ईरान, अमेरिका के साथ शांति समझौते के लिए लेबनान में युद्धविराम की शर्त रख रहा है। इसी बीच, अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से दुनियाभर में तेल की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
हालांकि, OPEC+ ने तेल उत्पादन बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बहुत ज्यादा फायदा नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि मौजूदा संघर्ष से तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंच रहा है और तेल की खेप धीमी गति से आगे बढ़ पा रही है।