ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़े तेल के दाम, ब्रेंट 105 डॉलर पर पहुंचा
क्या है खबर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज फिर तेजी देखने को मिली है। मंगलवार को अमेरिका के ईरान के केशम आइलैंड पर हमले के बाद एशियाई बाजारों में तेल के दाम बढ़ गए। इससे मध्य पूर्व में लड़ाई तेज होने और ऊर्जा आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित रहने की आशंका बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड 0.5 प्रतिशत बढ़कर 105.25 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 47 सेंट बढ़कर 96.93 डॉलर पर पहुंच गया।
होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य में घटा तेल और गैस का आवागमन
सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.63 प्रतिशत यानी 8.66 डॉलर गिरकर 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई थी।
हालांकि, अमेरिका के ताजा हमलों के बाद बाजार में फिर से कीमतें बढ़ने का जोखिम पैदा हो गया है। फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही कम हुई है।
इस समुद्री रास्ते से पहले दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती थी।
हमला
होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए किए गए हमले
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी सेना ने सोमवार को केशम आइलैंड पर हमले किए।
अमेरिकी अधिकारियों ने इन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को ईरान के निशाने से बचाने के लिए उठाए गए रक्षात्मक कदम बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि हाल के हफ्तों में अमेरिका ने ईरान पर कुछ सीमित हमले किए हैं।
इन अभियानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। केशम आइलैंड पर मिसाइल ठिकाना, नौसैनिक अड्डा और बड़ा जल शोधन संयंत्र भी मौजूद है।
अन्य
ट्रंप ने बड़े हमले की संभावना से किया इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बड़े पैमाने पर फिर से युद्ध शुरू होने की संभावना को कम बताया है।
उनसे पूछा गया कि क्या वह मध्यावधि चुनाव के बाद नए हमलों पर विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने इससे इनकार किया। ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता होने की उम्मीद भी जताई। वहीं, ईरान ने कहा है कि हमला दोबारा हुआ तो वह जवाब देगा।
कतर की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।