फेड के ब्याज दर बढ़ाने के संकेतों से कच्चे तेल में आई गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत के बाद कच्चे तेल की कीमतें कम हो गईं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 89.31 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 83.40 डॉलर (करीब 7,900 रुपये) प्रति बैरल पर बंद हुआ।
फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की खबर से निवेशक चिंतित हो गए हैं, उन्हें डर है कि अगर, ऐसा हुआ तो अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और तेल की मांग भी घट सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर चल रही बातचीत
फेड के ऐलान के अलावा, तेल बाजार पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बातचीत का भी असर दिख रहा है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बहुत खास माना जाता है, लेकिन पाबंदियों और क्षेत्रीय तनाव के चलते अभी यहां से जहाजों की आवाजाही कम हो गई है।
इसका असर तेल की आपूर्ति पर पड़ रहा है। वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर चल रही बातचीत और रूस से मिलने वाले तेल की सप्लाई में लगातार आ रही रुकावटों ने भी इस पूरे सप्ताह तेल की कीमतों को अस्थिर बनाए रखा है।