एनवीडिया का चीन में फिजिकल AI पर ज्यादा जोर, कमाई 10 गुना बढ़ने का अनुमान
एनवीडिया अब फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बहुत ज्यादा ध्यान दे रही है। इसमें रोबोट्स, सेल्फ-ड्राइविंग कारें और ड्रोन जैसी तकनीकें शामिल हैं।
चीन इस पूरे काम का केंद्र बना हुआ है। अभी एनवीडिया को फिजिकल AI से हर साल लगभग 10 अरब डॉलर (करीब 950 अरब रुपये) की कमाई होती है, जो उसकी कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेंसेन हुआंग का मानना है कि अगले 10 सालों में यह कमाई 10 गुना और बढ़ सकती है। भले ही अमेरिका ने एडवांस्ड चिप्स की बिक्री पर कुछ पाबंदियां लगाई हैं। फिर भी कंपनी चीन को रोबोट और ऑटोमोटिव चिप्स दे रहा है।
चीन रोबोटिक्स में सबसे आगे
दुनिया में औद्योगिक रोबोट का सबसे बड़ा बाजार चीन ही है। अनुमान है कि 2026 की शुरुआत तक दुनियाभर में जितने भी ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे जाएंगे, उनमें से 90 प्रतिशत अकेले चीन से होंगे।
एनवीडिया चीन की स्थानीय कंपनियों जैसे यूनिट्री और फोरियर के साथ काम कर रही है। यह उन्हें खास चिप्स, सॉफ्टवेयर टूल्स और ग्रूट और कॉसमॉस जैसे ओपन-वेट मॉडल देता है। कंपनी चीन में अपनी रोबोटिक्स टीम को भी लगातार बढ़ा रही है।
हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर में कंपनी की पकड़ मजबूत
इंटेल और क्वालकॉम जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी इस क्षेत्र में अपनी कोशिशें तेज कर रही हैं, लेकिन एनवीडिया का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का खास कॉम्बिनेशन उसे फिजिकल AI के विकास में सबसे आगे रखता है।
चीन पर एनवीडिया का यह ध्यान केवल एक रणनीति भर नहीं है, बल्कि यह बहुत जरूरी भी है। दरअसल, दुनियाभर में रोबोटिक्स नए आविष्कार में चीन का बहुत बड़ा योगदान है।