NTPC तलाश रही उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने की संभावना
भारत की बड़ी सरकारी बिजली कंपनी NTPC उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने की संभावना तलाश रही है। यह स्वच्छ ऊर्जा के ज्यादा इस्तेमाल की उनकी कोशिशों का एक हिस्सा है, जिसका मकसद 2032 तक कम से कम 2 गीगावाट (GW) गैर-जीवाश्म ईंधन से बिजली पैदा करना है।
यह भारत के बड़े लक्ष्य से भी जुड़ा है, जिसके तहत 2047 तक परमाणु ऊर्जा से 100GW बिजली उत्पादन क्षमता हासिल करनी है। NTPC ने पहले ही मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में ऐसी संभावित जगहों की पहचान कर ली है।
2047 तक 30GW क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
NTPC 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 30GW तक बढ़ाना चाहती है और इसके लिए वह वेस्टिंगहाउस, रोसाटॉम और EDF जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ मिलकर कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने की सोच रही है।
एक गीगावाट परमाणु ऊर्जा का संयंत्र बनाने में कई साल लगते हैं और इसमें 15,000-20,000 करोड़ रुपये का खर्च आता है, इसलिए यह एक बड़ा निवेश है।
इन सब से पता चलता है कि NTPC कोयले से हटकर ऊर्जा के दूसरे साधनों को अपनाने को लेकर गंभीर है और भारत को स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य हासिल करने में सहयोग कर रही है।