NSE की IPO का आकार घटाकर 25,000 करोड़ रुपये करने की योजना
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) का आकार 30,000 करोड़ रुपये से कम करके करीब 24,000 करोड़ से 25,000 करोड़ रुपये करने की सोच रहा है।
पहले यह एक्सचेंज की कुल पूंजी का करीब 6 फीसदी हिस्सा होता है, जिसे अब लगभग 5 फीसदी कर दिया गया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 4 सितंबर को इस योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि यह IPO सितंबर के तीसरे सप्ताह में बाजार में आएगा और चौथे सप्ताह में इसकी लिस्टिंग हो जाएगी।
26 सितंबर से पहले IPO लाने की तैयारी
NSE की कोशिश है कि वह 26 सितंबर से पहले अपना IPO ले आए। इसकी वजह यह है कि इसके ठीक बाद पितृ पक्ष शुरू हो जाएगा, जिस दौरान आमतौर पर कोई भी नया काम करने से लोग बचते हैं।
इतने बड़े IPO के बावजूद NSE अक्टूबर, 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के IPO को पछाड़ नहीं पाएगा, बल्कि जल्द ही जियो प्लेटफॉर्म्स का 37,000 करोड़ रुपये का बड़ा IPO इसे भी पीछे छोड़ देगा।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड जैसे कई शेयरधारक इसके जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने वाले हैं। दूसरी तरफ, अनलिस्टेड बाजारों में NSE के शेयर अभी 2,045 रुपये पर मिल रहे हैं। कंपनी को पिछली तिमाही में मुनाफा तो बढ़ा, लेकिन उसका राजस्व थोड़ा कम हुआ है।