बाइनेंस पर साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ, 6.3 अरब डॉलर के फंड प्रभावित
क्या है खबर?
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर हुए बड़े साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ होने का दावा किया गया है। ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस कंपनी TRM लैब्स के मुताबिक, उत्तर कोरिया की हैकिंग टीम ट्रेडरट्रेटर ने इस हमले को अंजाम दिया है। बाइनेंस ने बताया कि इस घटना से करीब 6.3 अरब डॉलर (लगभग 600 अरब रुपये) के फंड प्रभावित हुए हैं। इसे क्रिप्टो जगत का अब तक का सबसे बड़ा हैक बताया जा रहा है।
आरोप
उत्तर कोरिया की हैकिंग टीम पर आरोप
TRM लैब्स ने अपनी जांच के आधार पर उत्तर कोरिया की हैकिंग टीम को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया है।
कंपनी का कहना है कि उसके पास इस दावे के समर्थन में पर्याप्त जानकारी है। बाइनेंस ने दूसरी ब्लॉकचेन कंपनियों की मदद से अब तक करीब 3 अरब डॉलर (लगभग 300 अरब रुपये) की रकम फ्रीज कराई है।
वहीं, कंपनी ने कुछ समय के लिए पैसे जमा करने और निकालने की सुविधा रोक दी है।
प्रतिक्रिया
बाइनेंस ने ग्राहकों को दिया पैसे सुरक्षित होने का भरोसा
बाइनेंस ने कहा है कि इस हमले से हुए नुकसान की भरपाई कंपनी खुद करेगी और ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है।
कंपनी ने 2018 में एक अलग सुरक्षा कोष भी बनाया था, जिसका इस्तेमाल मुश्किल हालात में ग्राहकों के नुकसान की भरपाई के लिए किया जाता है। इस घटना के बाद बिटकॉइन की कीमत करीब 3 प्रतिशत गिरकर 77,000 डॉलर से नीचे पहुंच गई।
दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
अन्य
पहले भी बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर हो चुके हैं हमले
क्रिप्टो बाजार में साइबर हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
फरवरी, 2025 में एक्सचेंज बायबिट पर हुए हमले में करीब 1.5 अरब डॉलर (लगभग 150 अरब रुपये) के टोकन चोरी हुए थे। इस बार बाइनेंस से जुड़ी घटना के बाद टेथर और सर्किल जैसी कंपनियों ने भी संदिग्ध रकम फ्रीज करने की जानकारी दी है।
टेथर ने 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा और सर्किल ने करीब 80 करोड़ डॉलर के कॉइन फ्रीज किए हैं।