जियो के रिकॉर्ड IPO से बैंकरों को मिला बहुत कम फायदा
जियो प्लेटफॉर्म्स ने हाल ही में 3.1 बिलियन डॉलर (करीब 294 अरब रुपये) का एक बहुत बड़ा आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लॉन्च किया था। यह इस सौदे को संभालने वाले बैंकरों के लिए यह उतना फायदेमंद साबित नहीं हुआ। कंपनी इसमें शामिल 19 बैंकों को फीस के तौर पर करीब 1.96 अरब रुपये का भुगतान कर रही है। यह रकम इश्यू साइज का लगभग 0.65 फीसदी है, जो भारत में पहले आए कई IPO की फीस की तुलना में कम है।
अब बैंक बड़े-बड़े प्रोजेक्ट अपने नाम करने और बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए कम मुनाफे पर भी काम करने को तैयार हैं।
अन्य IPOs में मिली ज्यादा फीस
यह ट्रेंड केवल जियो के साथ है। हुंडई मोटर इंडिया, वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) और स्विगी जैसे IPOs में भी बैंकों को फीस का ज्यादा प्रतिशत मिला था।
जियो के IPO को शुक्रवार तक पेश किए गए शेयरों के मुकाबले लगभग 22 गुना ज्यादा बोलियां मिली थीं। यह साफ दिखाता है कि बैंकों के लिए भले ही मुनाफा कम हो गया हो, लेकिन जियो जैसी बड़ी कंपनियों की मांग पहले से भी कहीं ज्यादा मजबूत है।