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भारत में क्रिप्टोकरेंसी ग्राहकों के लिए नए KYC नियम जारी, जानिए क्या किया बदलाव 
क्रिप्टोकरेंसी ग्राहकों के लिए KYC नियमों में बदलाव किया है

भारत में क्रिप्टोकरेंसी ग्राहकों के लिए नए KYC नियम जारी, जानिए क्या किया बदलाव 

Jan 11, 2026
07:14 pm

क्या है खबर?

भारत की वित्तीय खुफिया यूनिट (FIU) ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण रोकने हेतु नए KYC प्रोटोकॉल लागू किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, लाइवनेस डिटेक्शन के साथ सेल्फी, भौगोलिक निर्देशांक रिकॉर्डिंग और 'पेनी-ड्रॉप' विधि द्वारा बैंक खाता सत्यापन अनिवार्य है। इन निर्देशों में एक्सचेंजों द्वारा इनिशियल कॉइन ऑफरिंग (ICO) और इनिशियल टोकन ऑफरिंग (ITO) को हतोत्साहित किया गया है, जो शेयर बाजारों में IPO के समान हैं।

अपडेट 

3 साल बाद नियम किए अपडेट

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन संस्था FIU ने मार्च, 2023 में पहली बार जारी किए जाने के लगभग 3 साल बाद इन दिशा-निर्देशों को अपडेट किया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को अब FIU के साथ रिपोर्टिंग संस्थाओं के रूप में पंजीकरण कराना होगा और संदिग्ध लेनदेन पर नियमित रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। इनमें कहा गया है कि टंबलर, मिक्सर और गुमनामी बढ़ाने वाले टोकन से जुड़े लेन-देन को सुविधा नहीं दी जानी चाहिए।

आवश्यकता 

अब KYC के लिए क्या होगा जरूरी?

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक्सचेंजों को स्थायी खाता संख्या (पैन), लाइवनेस डिटेक्शन वाली सेल्फी और ऑनबोर्डिंग स्थान के अक्षांश और देशांतर निर्देशांक, दिनांक और समय-चिह्न सहित प्राप्त करने होंगे। उन्हें 'ग्राहक सुरक्षा जांच' उपायों के तहत ग्राहक का IP पता भी एकत्र करना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि ऑनबोर्डिंग के समय जिन ग्राहकों की जानकारी दी जा रही है, वे वास्तव में एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं और स्वयं खाता बना रहे हैं।

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पहचान 

जरूरी होगा पहचान दस्तावेज

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को ग्राहक का कोई अन्य पहचान और पता दस्तावेज जैसे- पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, वोटर ID या समकक्ष पहचान पत्र एकत्र करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें एक बार के पासवर्ड (OTP) के माध्यम से ग्राहक का मोबाइल नंबर और ईमेल भी सत्यापित करना होगा। बैंक खाते को प्रमाणित करने के लिए बैंकिंग या पेमेंट गेटवे द्वारा ग्राहक से 1 रुपये की वापसी योग्य राशि ली जाती है, जिसे पेनी-ड्रॉप सिस्टम कहा गया है।

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