AI के दौरान में 70 फीसदी भारतीय कंपनियां मैनुअल इनवॉइस पर निर्भर, सर्वे में हुआ खुलासा
वर्तमान में जब डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग बहुत आम हो गए हैं, तब भी भारत की लगभग 70 फीसदी कंपनियां इनवॉइस को मैन्युअल तरीके से प्रोसेस कर रही हैं। हाल ही में AI अकाउंटेंट के एक अध्ययन में सामने आई है, जिसमें 2,400 से ज्यादा कंपनियों को शामिल किया गया था।
इसके हिसाब से ज्यादातर कारोबारों के लिए बिलिंग और अकाउंट्स पेयेबल सबसे बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। यही धीमी प्रक्रिया उनके कई जरूरी वित्तीय कामों में देरी कर रही है।
व्यापारिक दिग्गजों की ऑटोमेशन में बढ़ती दिलचस्पी
ज्यादा से ज्यादा व्यापार के दिग्गज अब फाइनेंस ऑटोमेशन टूल्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसमें ऑटोमेटेड इनवॉइस प्रोसेसिंग और AI-पावर्ड लेजर मैपिंग जैसी चीजें शामिल हैं।
इस बदलाव की कमान संस्थापकों और मालिकों ने संभाली है। कुल प्रोडक्ट डेमो और कन्वर्जन रेट्स में उनकी हिस्सेदारी 37.3 फीसदी रही है।
मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां भी खासकर इसे अपनाने के लिए उत्साहित दिख रही हैं। AI अकाउंटेंट के सह संस्थापक भगाथ जी का कहना है, "अगर, इनवॉइस मैन्युअल तरीके से प्रोसेस होते हैं तो उसके बाद का हर काम लेट हो जाता है।" इसका मतलब है कि ऑटोमेशन से कामकाज को और भी तेज और आसान बनाया जा सकता है।