NCLT से मिली मंजूरी के बाद सुभाष चंद्रा अब स्विट्जरलैंड में करेंगे निवेश
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने जी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा के निजी कर्ज चुकाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के कुछ ही दिनों बाद चंद्रा अब स्विट्जरलैंड में निवेश का काम करने वाले अपने दोस्तों के साथ मिलकर नई शुरुआत करने की तैयारी में हैं।
उनके पास अब केवल 6.5 करोड़ रुपये बचे हैं, जो लेनदारों को दिए जाएंगे। हालांकि, लेनदारों को कुल 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों में से यह केवल 0.03 फीसदी ही मिल पाएगा।
विवेक इन्फ्राकॉन की गारंटी के कारण चंद्रा दिवालिया घोषित
चंद्रा इस हालत में इसलिए पहुंचे क्योंकि उन्होंने विवेक इन्फ्राकॉन नाम की कंपनी के एक लोन के लिए निजी गारंटी दी थी। वह लोन बाद में खराब हो गया था।
नवंबर, 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने दिवालियापन के नियमों पर एक अहम फैसला सुनाया था। उसके कुछ ही महीनों बाद NCLT ने अप्रैल, 2024 में चंद्रा के दिवालिया होने का मामला स्वीकार कर लिया था।
चंद्रा ने कहा कि वे अब अपने घर से किराया कमा रहे हैं। उनकी योजना परिवार से पैसे उधार लेकर स्विट्जरलैंड में निवेश का काम करने वाले दोस्तों के साथ काम करने की है।
वे इन पैसों को उन स्टार्टअप्स में लगाना चाहते हैं, जो आगे बढ सकते हैं। इस बीच, HDFC बैंक जैसे कुछ बड़े लेनदार अभी भी इस सेटलमेंट प्लान को चुनौती दे सकते हैं।