NCLT से सुभाष चंद्रा काे मिली राहत पर मचा बवाल
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जी ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा को एक बड़ी राहत दी है। उन्हें 22,006 करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज में से केवल 6.5 करोड़ रुपये चुकाने की इजाजत मिल गई है।
ये कर्ज उन कंपनियों ने लिए थे, जिनके लिए चंद्रा ने खुद की गारंटी दी थी। इस फैसले से HDFC बैंक अपील करने पर विचार कर रहा है। दूसरी तरफ, LIC हाउसिंग फाइनेंस और बाकी कर्ज देने वाले बैंक भी इस कम वसूली पर अपनी आपत्ति जता चुके हैं।
राजनीतिक गलियारें में फैसले को लेकर आलोचना
NCLT के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में काफी बहस छेड़ दी है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे 'हेयरकट' नहीं, बल्कि 'मुंडन' बताया है।
दूसरी तरफ, शराब कारोबारी रहे विजय माल्या ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले की तुलना अपनी कर्ज की परेशानियों से की है।
यह मामला इस बात पर नई बहस छेड़ रहा है कि भारत बड़े कर्ज के मामलों को कैसे संभालता है और क्या यह सिस्टम सभी के लिए निष्पक्ष है।