AI से उत्पादकता बढ़ने के बावजूद नौकरियां घंटी, नैसकॉम ने बताई वजह
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) के अध्यक्ष राजेश नाम्बियार का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने भारतीय टेक सेक्टर में बड़ा बदलाव लाया है।
इससे कंपनियों की उत्पादकता तो बढ़ गई है, लेकिन उन्हें पहले जितनी भर्ती की जरूरत नहीं पड़ रही। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल कंपनियों का राजस्व 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ा, लेकिन नौकरियों में इजाफा इसकी तुलना में आधा ही रहा।
यह इस बात का साफ इशारा है कि अब हालात बदल गए हैं। पहले जहां ज्यादा कमाई का मतलब कई नई नौकरियां मिलना होता था, अब वैसा नहीं रहा।
कैंपस हायरिंग में आई गिरावट
कॉलेज कैंपस से होने वाली भर्तियों में कमी आई है। कंपनियां अब AI और उन्नत कौशल पर ज्यादा जोर दे रही हैं, इसी वजह से शुरुआती स्तर की नौकरियों में कमी आई है।
नाम्बियार का कहना है कि भले ही अभी हालात थोड़े धीमे लग रहे हैं, लेकिन जब कंपनियां AI को पूरी तरह से लागू कर लेंगी, तब तकनीकी प्रतिभा की मांग फिर से बढ़ेगी। इसलिए, जो लोग अपनी कौशल को निखार रहे हैं, उनका भविष्य अभी भी उज्ज्वल हो सकता है।