मूडीज ने बढ़ाया भारत की GDP वृद्धि का अनुमान, अब 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद
क्या है खबर?
मूडीज ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपना नया अनुमान जारी किया है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष में देश की वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। हालांकि, भारत की Baa3 रेटिंग और स्थिर आउटलुक में बदलाव नहीं किया गया। सरकारी कर्ज और कम प्रति व्यक्ति आय अब भी चुनौती हैं।
चुनौतियां
तेज विकास के बावजूद कई चुनौतियां बरकरार
मूडीज का मानना है कि भारत की विकास दर अन्य जी-20 देशों और समान रेटिंग वाले उभरते बाजारों से ज्यादा रह सकती है। इसके बावजूद अर्थव्यवस्था के सामने कुछ खतरे मौजूद हैं।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अल नीनो के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं।
इसका असर लोगों की खरीदारी, घरेलू मांग और देश की आर्थिक रफ्तार पर पड़ सकता है।
खर्च
मध्य पूर्व तनाव से बढ़ सकता है सरकारी खर्च
एजेंसी ने मध्य पूर्व संघर्ष के कारण भारत के सरकारी खर्च को लेकर चिंता जताई है।
अगर ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंची रहती हैं, तो सरकार को सब्सिडी पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है। जरूरतमंद लोगों और उद्योगों को अतिरिक्त सहायता देने का दबाव भी बढ़ सकता है।
रक्षा और बुनियादी ढांचे पर अधिक खर्च होने से बजट संतुलित करना मुश्किल हो सकता है। इससे राजकोषीय सुधारों की गति प्रभावित होने की संभावना है।
निवेश
निवेश और उद्योग से मिल रहा अर्थव्यवस्था को सहारा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून तिमाही के दौरान भारत की GDP 7.8 प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान निवेश और विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती देखने को मिली।
इससे खनन और उपभोक्ता सेवाओं में आई कमजोरी का असर कम हुआ। S&P ग्लोबल ने भी भारत की रेटिंग बरकरार रखी है।
रिपोर्ट के अनुसार, महंगी ऊर्जा और कमजोर कृषि विकास को प्रभावित कर सकती है, लेकिन तकनीक, वित्त, उद्योग और बुनियादी ढांचा आगे मदद करेंगे।