अब तक 38 फीसदी कम हुई मानसून की बारिश, फसलों पर मंडराया खतरा
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इस साल का मानसून अब तक काफी कमजोर रहा है, जिससे देश की मुख्य गर्मियों की फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।
बारिश सामान्य से 38 फीसदी कम हुई है। मध्य और पूर्वी भारत समेत ज्यादातर इलाकों में सूखे की मार पड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश किसानों, ग्रामीण आय और खाने-पीने के सामानों की कीमतों को काबू में रखने के लिए बहुत जरूरी है।
खरीफ की बुवाई 4 फीसदी कम
कम बारिश की वजह से खरीफ फसलों की बुवाई भी पिछले साल के मुकाबले करीब 4 फीसदी कम हुई है। दलहन और कपास के बुवाई क्षेत्र में काफी गिरावट आई है, जबकि चावल की बुवाई पिछले साल कम होने की वजह से इस बार थोड़ी ज्यादा हुई है।
दूसरी तरफ, पानी के जलाशयों का स्तर अभी औसत से ज्यादा है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए कुछ सहारा मिल रहा है और वे बेहतर बारिश का इंतजार कर रहे हैं।