मोबिक्विक को NBFC चलाने की RBI से मंजूरी, अब सीधे दे सकेगी ग्राहकों को लोन
क्या है खबर?
डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी मोबिक्विक अब खुद भी ग्राहकों को कर्ज दे सकेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कंपनी की सहायक इकाई मोबिक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (MFSPL) को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के रूप में काम करने की अंतिम अनुमति दे दी है। इस मंजूरी के बाद मोबिक्विक केवल दूसरे कर्जदाताओं के लिए लोन की व्यवस्था करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपना ऋण कारोबार भी शुरू कर सकेगी।
तैयारी
5,000 करोड़ रुपये के कर्ज बांटने की तैयारी
मोबिक्विक की योजना अगले 3-4 वर्षों के दौरान करीब 5,000 करोड़ रुपये के लोन बांटने की है।
कंपनी को उम्मीद है कि अगले 3-6 महीनों में उसकी नई इकाई का कामकाज शुरू हो जाएगा। शुरुआत में वह बैंकों और दूसरी NBFC कंपनियों के साथ मिलकर कर्ज देगी।
इस तरीके में पूरा पैसा मोबिक्विक को अकेले नहीं लगाना होगा। इससे कम पूंजी के साथ कारोबार बढ़ाने और जोखिम को दूसरी वित्तीय संस्थाओं के साथ साझा करने में मदद मिलेगी।
योजना
आम ग्राहकों और छोटे कारोबारियों पर रहेगा ध्यान
नई इकाई के जरिए कंपनी आम उपभोक्ताओं के साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम कारोबारियों को भी कर्ज देने की तैयारी कर रही है।
इसमें गारंटी या संपत्ति के बदले मिलने वाले सुरक्षित लोन और बिना किसी जमानत के दिए जाने वाले कर्ज, दोनों शामिल होंगे। इसके लिए मोबिक्विक अपने मौजूदा तकनीकी ढांचे, ग्राहकों से जुड़ी जानकारी और आंकड़ों का इस्तेमाल करेगी।
कंपनी कर्ज देने से पहले आवेदकों की भुगतान क्षमता और जोखिम का आकलन करने पर भी ध्यान देगी।
उम्मीद
19.6 करोड़ ग्राहकों के आधार से कारोबार बढ़ाने की उम्मीद
मोबिक्विक की सह-संस्थापक, कार्यकारी निदेशक और वित्त प्रमुख उपासना टाकू के मुताबिक, RBI की मंजूरी कंपनी को एक संपूर्ण वित्तीय सेवा मंच बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
कंपनी के पास करीब 19.6 करोड़ यूजर्स और 50 लाख कारोबारियों का नेटवर्क है। इसी आधार पर वह कर्ज देने का कारोबार विस्तार करना चाहती है।
हालांकि, कंपनी का कहना है कि इस दौरान कर्ज देने के जिम्मेदार तरीके, ग्राहकों की चुकाने की क्षमता और जोखिम नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी।