AI और टैरिफ के कारण अमेरिकी में महंगाई बेकाबू, डिवाइसेज हुए महंगे
मिनियापोलिस फेड के एक विश्लेषण में कहा गया है कि अमेरिका में कोर महंगाई अब भी बहुत ज्यादा बनी हुई है। इसकी मुख्य वजह आयात शुल्क (टैरिफ) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पैदा हुई टेक्नोलॉजी की बढ़ी हुई मांग है।
AI में भारी निवेश की वजह से मेमोरी चिप और कंप्यूटर हार्डवेयर की कीमतें बढ़ गई हैं। पिछले एक साल में केवल वीडियो और इन्फॉर्मेशन प्रोसेसिंग से जुड़े डिवाइसेज की कीमतों में 12.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
जुलाई में कोर महंगाई 3.3 फीसदी
टेक्नोलॉजी की इस तेजी ने कोर व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) महंगाई में करीब 0.4 फीसदी अंकों की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए टैरिफ के असर के लगभग बराबर है।
इसके अलावा, कपड़े और जूतों की कीमतों में भी महंगाई बढ़ रही है। पिछले साल दिसंबर में यह 0.3 फीसदी थी, जो जुलाई तक बढ़कर 3.5 फीसदी पर पहुंच गई है।
जुलाई में कोर PCE महंगाई दर 3.3 फीसदी दर्ज की गई, जो फेडरल रिजर्व के 2 फीसदी के तय लक्ष्य से काफी ज्यादा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि टैरिफ के बिना भी AI से जुड़े सामान कीमतों को ऊंचा बनाए हुए हैं। यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर, ऑटो पार्ट्स पर नए टैरिफ लगाए गए तो जल्द ही कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।