मेटा 2026 में AI पर अपना खर्च बढ़ाकर कर सकती है दोगुना
क्या है खबर?
मार्क जुकरबर्ग के स्वामित्व वाली मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आगे रहने के लिए इस साल अपना निवेश दोगुना करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह OpenAI, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों से मुकाबले के लिए AI पर बड़ा खर्च करेगी। मेटा का मानना है कि आने वाले समय में AI ही सोशल मीडिया, विज्ञापन और डिजिटल सेवाओं का भविष्य तय करेगा।
खर्च
2026 में रिकॉर्ड स्तर पर होगा खर्च
मेटा ने साल 2026 के लिए अपने कैपिटल खर्च का अनुमान 115 से 135 अरब डॉलर (लगभग 10,500-12,500 अरब रुपये) के बीच रखा है। यह रकम पिछले साल के 72 अरब डॉलर (लगभग 6,600 अरब रुपये) के मुकाबले लगभग दोगुनी है। कंपनी का कहना है कि यह पैसा बड़े डाटा सेंटर, कंप्यूटिंग सिस्टम और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाया जाएगा। मेटा का लक्ष्य है कि उसकी AI लैब दुनिया की सबसे ताकतवर और उन्नत लैब में शामिल हो।
सुपरइंटेलिजेंस
AI लैब और सुपरइंटेलिजेंस पर ध्यान
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जुकरबर्ग ने कहा कि AI अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2026 इसका अहम साल होगा। कंपनी मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब के जरिए ऐसे AI सिस्टम विकसित करना चाहती है, जो खुद फैसले लेने और काम करने में सक्षम हों। जुकरबर्ग का मानना है कि इससे नए प्रोडक्ट बनेंगे, काम करने का तरीका बदलेगा और बिजनेस को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कमाई
खर्च बढ़ा, लेकिन कमाई भी मजबूत
AI पर भारी निवेश के बावजूद मेटा को भरोसा है कि उसकी कमाई भविष्य में ठीक तरह बढ़ती रहेगी। कंपनी ने बताया कि 2026 में कुल खर्च बढ़ेगा, लेकिन विज्ञापन और सोशल मीडिया ऐप्स से मजबूत आय बनी रहेगी। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर रोजाना अरबों यूजर सक्रिय हैं। मेटा का कहना है कि AI को इन प्लेटफॉर्म्स से जोड़कर यूजर अनुभव बेहतर होगा और भविष्य में मुनाफा भी बढ़ेगा।