2 अक्टूबर को नहीं कर पाएंगे UPI भुगतान? व्यापारियों ने किया 'नो UPI डे' का ऐलान
क्या है खबर?
UPI पर लगने वाले प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारियों का विरोध देशभर में फैलता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने 2 अक्टूबर को 'नो UPI डे' रखने की घोषणा की है। इसके तहत कई दुकानों पर UPI से भुगतान की सुविधा बंद रखने की तैयारी है। विरोध के दौरान दुकानदार अपने QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स जैसे उपकरणों को काले कपड़े से ढक सकते हैं।
विरोध
MP में पहले ही दिखा विरोध
मध्य प्रदेश में व्यापारी संगठन 23 सितंबर को इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई शहरों में करीब 125 व्यापारिक संगठनों ने उस दिन UPI भुगतान से दूरी बनाई थी। व्यापारियों के अनुसार, इस फैसले का असर राज्य के कारोबार पर भी पड़ा और करीब 25 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हुआ।
कई बाजारों में दुकानदारों ने QR कोड, स्कैनर और डिजिटल भुगतान से जुड़े उपकरणों को बंद रखा था।
समर्थन
महाराष्ट्र से पेट्रोल पंप तक समर्थन
UPI शुल्क के खिलाफ शुरू हुए इस अभियान को अलग-अलग क्षेत्रों के कारोबारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर ने भी आंदोलन का साथ देने की बात कही है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन भी प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ सामने आया है। व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबार में मुनाफा सीमित रहता है और डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से खर्च बढ़ेगा।
इसका असर व्यापार की लागत पर पड़ सकता है।
नियम
15 अक्टूबर से लागू होना है नियम
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, 15 अक्टूबर, 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.40 प्रतिशत MDR लिया जाएगा। एक भुगतान पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।
हालांकि, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर पर यह शुल्क नहीं लगेगा। 2,000 रुपये तक के सामान्य मर्चेंट भुगतान भी शुल्क से मुक्त रहेंगे।
हर महीने एक लाख रुपये तक UPI प्राप्त करने वाले छोटे विक्रेताओं को भी प्रस्तावित शुल्क से बाहर रखा गया है।