AI ने घटाई 30 प्रतिशत कंपनियों की उत्पादकता, मैकिंसे की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा
मैकिंसे की एक नई रिपोर्ट बताती है कि एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यानि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को तेज करने वाले टूल लाने के बाद लगभग 30 प्रतिशत कंपनियों की उत्पादकता असल में कम हो गई।
कई बार ज्यादा कोडिंग से बेहतर नतीजे नहीं मिलते और इस सारी गतिविधि और असली उत्पाद लॉन्च के बीच अभी भी एक बड़ा फासला बना हुआ है।
एजेंटिक AI में 61 अरब डॉलर का निवेश
इन रुकावटों के बावजूद एजेंटिक AI में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। इस साल की पहली छमाही में ही इसमें 61 अरब डॉलर (करीब 5,800 अरब रुपये) का निवेश हो चुका है, जिसका बड़ा श्रेय 60 अरब डॉलर (करीब 5,700 अरब रुपये) के कर्सर सौदे को जाता है।
ज्यादातर डेवलपर्स इस पर पूरी तरह यकीन नहीं करते हैं। 46 प्रतिशत को इन टूल्स पर भरोसा नहीं है। केवल 33 प्रतिशत लोगों को इसकी सटीकता पर पूरा विश्वास है और महज 3 प्रतिशत उस आउटपुट पर पूरा यकीन करते हैं, जो AI देता है।
जॉब पोस्टिंग में 221 प्रतिशत का उछाल
संदेह के बावजूद भी एजेंटिक AI से जुड़े लोगों की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है। एक साल में ही ऐसे पदों के लिए नौकरियों के विज्ञापनों में 221 प्रतिशत का भारी उछाल आया है।
इससे पता चलता है कि भले ही इस तकनीक में कुछ कमियां हों कंपनियां ऐसे लोगों को काम पर रखने को तैयार हैं, जो इसे ठीक से समझ सकें और इस्तेमाल कर सकें।