मारुति सुजुकी की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री से राजस्व 50,000 करोड़ रुपये के पार
मारुति सुजुकी ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के अपने नतीजे घोषित किए हैं। इस दौरान कंपनी का राजस्व 36 फीसदी बढ़कर लगभग 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
यह उछाल गाड़ियों की ज्यादा बिक्री और खरखौदा में नए प्लांट में उत्पादन शुरू होने की वजह से आया है। हालांकि, इस अच्छी कमाई के बावजूद कंपनी का मुनाफा घट गया है।
कार निर्माता का मुनाफा 3,352.1 करोड़ रुपये रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत बढ़ गई और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण सप्लाई चेन में दिक्कतें आने से मार्जिन पर दबाव पड़ा।
कंपनी ने 6.8 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेची
इस तिमाही में मारुति ने कुल 6.8 लाख से ज्यादा वाहन बेचे, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 29.3 फीसदी की बड़ी छलांग है। छोटी गाड़ियों की बिक्री में 34.1 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि SUV की बिक्री 44.6 फीसदी बढ़ गई।
साथ ही, कंपनी के निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन सभी सकारात्मक बदलावों से मारुति ने भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत की है, जो अब 41.2 फीसदी हो गई है।
बोर्ड ने कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी
पर्यावरण के अनुकूल कदम उठाते हुए मारुति सुजुकी के बोर्ड ने 4 कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट्स के लिए 561 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
कंपनी का यह फैसला स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने और पर्यावरण पर अपने प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बोर्ड अब इन प्रोजेक्ट्स के पहले चरण के नतीजों का आकलन करेगा, जिसके बाद ही आगे के विस्तार पर विचार किया जाएगा।