लगातार फीकी हो रही सोने की चमक, अमेरिकी नौकरियों के आंकड़े तय करेंंगे उतार-चढ़ाव
सोने के दाम में मंगलवार (30 जून) को 1 फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो इसे लगातार चौथे महीने की गिरावट की तरफ ले जा सकता है।
इसकी बड़ी वजह यह है कि अब बाजार का ध्यान वैश्विक तनावों से हटकर इस बात पर आ गया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) महंगाई को रोकने के लिए क्या करेगा।
निवेशक इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी नौकरियों के डाटा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि क्या ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी होगी।
डॉलर के मजबूत होने से आई गिरावट
स्पॉट गोल्ड की कीमत गिरकर 3,957.74 डॉलर प्रति औंस (1.2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर आ गई, वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी फिसल गए।
डॉलर के मजबूत होने से दूसरी मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे स्वाभाविक रूप से इसकी मांग में कमी आती है।
सोना ही नहीं, चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम के दाम भी नीचे आए। इससे साफ है कि पूरे कीमती धातु बाजार पर दबाव बना हुआ है। व्यापारियों का मानना है कि नौकरियों के आंकड़े आने के बाद सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की लगभग 63 फीसदी संभावना है।