जुकरबर्ग ने कहा- AI में बड़े बदलाव के लिए नहीं चाहिए बड़ी टीम
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने के लिए किसी विशाल टीम की जरूरत नहीं पड़ती।
नो प्रायरस पाडकास्ट पर उन्होंने दावा किया कि सिर्फ 12 लोगों की एक टीम भी AI के क्षेत्र में काफी प्रगति कर सकती है।
यह बात तब सामने आई है, जब मेटा ने गूगल और OpenAI जैसे बड़े टेक दिग्गजों से मुकाबला करने के लिए टाप टैलेंट को अपनी ओर खींचने के लिए भारी-भरकम वेतन के आफर दिए थे।
मेटा ने दिए भारी बोनस
उद्योग में चल रही गहमागहमी के बीच जुकरबर्ग का यह बयान सामने आया है। दरअसल, OpenAI के CEO सैम आल्टमैन ने खुलासा किया था कि मेटा बड़े साइनिंग बोनस और ऊंचे वेतन दे रही थी, जिससे टेक उद्योग में टैलेंट हासिल करने की होड़ बढ़ गई थी।
इसके बावजूद, जुकरबर्ग को भरोसा है कि छोटे समूह भी इनोवेशन को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने अपने नान-प्राफिट संगठन बायोहब के बारे में भी बात की, जो हेल्थकेयर की चुनौतियों से निपटने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इसके लिए पर्याप्त काबिल शोधकर्ता और संसाधन जुटाना हमेशा आसान नहीं होता।