महाराष्ट्र ने पेश की नई बायोप्लास्टिक नीति, 25,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने का लक्ष्य
महाराष्ट्र ने अपनी नई बायोप्लास्टिक्स पॉलिसी 2026 जारी कर दी है। इस नीति का मुख्य मकसद प्लास्टिक कचरे को कम करना और राज्य को पर्यावरण के अनुकूल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।
इस योजना के तहत राज्य में 25,000 करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने और एक लाख नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
साथ ही, कुछ खास सेक्टर्स में इस्तेमाल होने वाली सिंगल-यूज प्लास्टिक पैकेजिंग में से कम से कम 30 फीसदी को बायोप्लास्टिक्स से बदलने की योजना है। सरकार पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) के आयात को भी आधा करना चाहती है।
बायोप्लास्टिक्स बनाने में होगा गन्ने का इस्तेमाल
यह नीति महाराष्ट्र में गन्ने की बड़ी पैदावार का इस्तेमाल बायोप्लास्टिक्स के लिए कच्चे माल के तौर पर करेगी। इसके साथ ही, यह नई ग्रीन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देगी, जिनमें फैक्ट्रियां, कंपोस्टिंग सिस्टम और रिसर्च हब शामिल होंगे। मौजूदा प्लास्टिक कंपनियां हैं, वे भी इस योजना से जुड़ सकती हैं, लेकिन उन्हें अपने मौजूदा कारखानों के विस्तार (ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन) में होने वाले पूरे अतिरिक्त निवेश को केवल बायोप्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरिंग में ही लगाना होगा।
इसके अलावा, सरकार का मकसद एक लाख किसानों को इस सप्लाई चेन से जोड़ना और निर्यात को एक अरब डॉलर (करीब 90 अरब रुपये) तक पहुंचाना है।