बड़े कारोबारी भविष्य की परेशानियों के लिए AI को बना रहे हथियार
KPMG की एक नई रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर के आधे से ज्यादा कारोबारी दिग्गजों को लगता है कि अगले कुछ सालों में बड़ी परेशानियां आने वाली हैं।
इनमें भू-राजनीतिक झगड़े, ऊर्जा संकट और साइबर हमले जैसी चीजें शामिल हैं।
ये चिंताएं केवल खबरों में नहीं हैं, बल्कि इनका असर कंपनियों की लागत और कामकाज पर सीधे पड़ने की आशंका है। दरअसल, 70 फीसदी कंपनियों का कहना है कि हाल के दिनों में उनके जोखिम का स्तर पहले ही बढ़ चुका है।
कंपनियां AI को दे रहीं प्राथमिकता
इस दौड़ में आगे निकलने के लिए लगभग आधी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य बताने वाला विश्लेषक को प्राथमिकता दे रही हैं, ताकि अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत बना सकें।
इसके अलावा, क्या हो सकता है, उसकी योजना बनाना (सिनेरियो प्लानिंग) और मुश्किल हालात को परखना (स्ट्रेस टेस्टिंग) पर भी अब ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि दिग्गज अगले किसी भी संकट के लिए खुद को तैयार करना चाहते हैं।
KPMG इंटरनेशनल में एनर्जी, नेचुरल रिसोर्सेज और केमिकल्स के वैश्विक प्रमुख अनीश डे कहते हैं, "अब लचीलापन केवल सप्लाई चेन का काम नहीं रह गया है, बल्कि यह बोर्ड लेवल पर एक जरूरी मुद्दा बन गया है, जिसमें ऊर्जा से जुड़े संकट और कई दूसरे बड़े जोखिम भी शामिल हैं।"