
जीवन बीमा लेने से पहले कंपनियों के इस नए नियम को जरूर जानें
क्या है खबर?
कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों के लिए अब जीवन बीमा पॉलिसी लेना आसान नहीं है, क्योंकि बीमा कंपनियों ने एक नया नियम लागू कर दिया है। इस नियम के बाद अब नई बीमा पॉलिसी लेने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
कोरोना के बढ़ते कहर और तीसरी लहर को गंभीरता से देखते हुए बीमा कंपनियों ने नया नियम जोड़ने पर जोर दिया है।
आइए जानते हैं कि बीमा कंपनियों का क्या हैं नए नियम।
मांग
बीमा कंपनियों की मांग?
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीमा कंपनियां अब टर्म इंश्योरेंस प्लान बेचने से पहले चिकित्सा परीक्षणों की मांग कर रही है, जिसमें ग्राहक को छाती का एक्स-रे समेत कई मेडिकल टेस्ट देने पड़ सकते हैं।
बीमा कंपनियों के मुताबिक दूसरी लहर के दौरान कई दावों पर लाखों करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिसका प्रभाव बीमा कंपनियों पर पड़ा था। ऐसे में तीसरी लहर को देखते हुए मांग की गई है।
इंतजार
तीन महीने तक करना होगा इंतजार
अगर आप टर्म प्लान खरीदने का मन बना रहे हैं तो बीमा कंपनी तीन महीने का इंतजार करा सकती है।
आपको बता दें कि वेटिंग पीरियड की यह शर्त सिर्फ जीवन बीमा पॉलिसी के लिए ही लागू की गई है क्योंकि लेनदारी से ज्यादा कंपनियों को दावेदारों को ज्यादा पैसा चुकाना पड़ा था।
इन मांगों से पहले कई बीमा कंपनियों ने अपने प्रीमियम में 38 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है।
10 करोड़ का टर्म प्लान
25 करोड़ की जगह अब 10 करोड़ का टर्म प्लान
पहले के समय में 40 साल की उम्र वालों को बड़ी आसानी से 25 करोड़ रुपये का कवर मिल जाता था, लेकिन अब यह मुश्किल हो गया है। उम्र के साथ अब कवर भी कम होता जाएगा।
ज्यादातर बीमा कंपनियां अब उच्च जोखिम के कारण वरिष्ठ नागरिकों और ज्यादा बीमार वाले लोगों को कवर देने से बच रही हैं। अब अधिकतम कवर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
जानकारी
पिछले साल 12,000 करोड़ से ज्यादा का क्लेम
पिछले साल की रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 1.40 लाख लोगों को कोविड से जुड़े क्लेम के रूप में 12,948.98 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें से 93.57 प्रतिशत क्लेम और 85.42 प्रतिशत वैल्यू के हिसाब से निपटाए गए।