क्यों एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा तक की आई गिरावट?
मंगलवार (1 सितंबर) को भारतीय एयरलाइन कंपनियों के शेयर लुढ़क गए। इसकी वजह यह रही कि जेट फ्यूल (ATF) के दाम लगातार दूसरे महीने भी बढ़े और अब यह 121.28 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यह पिछले महीने के मुकाबले 5.46 फीसदी ज्यादा है।
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 3.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्पाइसजेट के शेयर भी 1.45 फीसदी नीचे आ गए।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एयरलाइन कंपनियों के लिए मुनाफा बनाए रखना और मुश्किल हो गया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड में इजाफा
भारतीय एयरलाइंस के कुल खर्च का 35 से 40 फीसदी हिस्सा जेट फ्यूल पर ही जाता है। ऐसे में इसकी कीमतें बढ़ने का सीधा असर उनके कामकाज पर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी तेजी से ऊपर जा रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड अब 91.05 डॉलर (करीब 8,600 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
जेट फ्यूल और कच्चे तेल दोनों के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में एयरलाइन कंपनियों को और ज्यादा आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।