जापान में 30 साल बाद बॉन्ड यील्ड ने छुआ 3 फीसदी का आंकड़ा
जापान के 10-साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड ने 30 साल बाद पहली बार 3 फीसदी का आंकड़ा छू लिया है। सितंबर, 1996 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। यह साफ संकेत देता है कि जापान में अब बेहद कम ब्याज दरों का दौर खत्म होने वाला है।
इस उछाल के पीछे बढ़ती महंगाई, सरकार के बढ़ते कर्ज को लेकर चिंताएं और इस बात की चर्चा है कि बैंक ऑफ जापान अपनी नीतियों में और सख्ती ला सकता है।
छोटी अवधि के यील्ड भी कई सालों के उच्चतम स्तर पर
छोटी अवधि वाले बॉन्डों के यील्ड भी कई सालों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि केंद्रीय बैंक अब इन्हें उतना समर्थन नहीं दे रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं।
दूसरी तरफ, येन के लगातार कमजोर होने से आयात भी महंगा हो रहा है। इन सब कारणों से जापान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है और निवेशकों में भी सतर्कता साफ दिख रही है। खासकर इसलिए क्योंकि देश का सार्वजनिक कर्ज अब सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 200 फीसदी से भी ऊपर जा चुका है।