IRFC ने हैदराबाद मेट्रो को दिया करीब 13,500 करोड़ रुपये का कर्जा
भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) ने L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) के साथ 13,527 करोड़ रुपये का एक बड़ा लोन समझौता किया है। इसका मकसद हैदराबाद मेट्रो के पुराने कर्ज को चुकाना है।
यह 20 साल का लोन मेट्रो को उसके पुराने और महंगे कर्जों से छुटकारा दिलाएगा और उनकी जगह कम ब्याज वाला आसान फाइनेंस देगा। इससे हैदराबाद मेट्रो प्रोजेक्ट को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
कर्जदाताओं को मिली राहत
यह भारत में शहरी परिवहन के लिए अब तक के सबसे बड़े वित्तीय समझौतों में से एक है। IRFC ने इस डील को और भी आकर्षक बनाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या जुर्माना नहीं लगाया है।
इस फैसले से उन मौजूदा कर्जदाताओं को आसानी होगी, जो अब इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलना चाहते हें। इससे मेट्रो के भविष्य में सुधार की नई संभावनाएं खुलेंगी। इस आर्थिक मदद से मेट्रो की सेवाएं और भी बेहतर हो सकती हें।
यह समझौता यह भी दिखाता है कि IRFC अब केवल रेलवे परियोजनाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी गंभीरता से ध्यान दे रहा है।