बीमा कंपनियों को करना होगा एजेंट्स के कमीशन का खुलासा
भारत का बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) एक बड़ा बदलाव लाने वाला है। इसने बीमा कंपनियों के कमीशन के ढांचे को सार्वजनिक करने और ग्राहकों के हितों को सबसे ऊपर रखने की योजना बनाई है। इसका मकसद उन ऊंचे शुरुआती कमीशन पर रोक लगाना है, जिनकी वजह से एजेंट सिर्फ जल्दी कमाई के लिए पॉलिसियां बेचते हैं।
इसके बजाय, अब ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने वाली पॉलिसियों पर ध्यान दिया जाएगा। जल्द ही एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया जाएगा, जिसमें बीमा कंपनियां और दूसरे हितधारक अपने विचार दे पाएंगे।
अगले साल लागू होंगे नए नियम
अब कमीशन की दरें इस बात पर निर्भर करेंगी कि कोई पॉलिसी कितनी जटिल है। साधारण टर्म प्लान पर कम कमीशन मिलेगा, वहीं यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लांस (ULIPs) या एन्युइटी जैसे जटिल प्लान पर ज्यादा कमीशन मिलेगा।
जो एजेंट ग्राहकों को उनकी पॉलिसी लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेंगे, उन्हें अतिरिक्त इनाम मिल सकता है।
इससे सिर्फ थोड़े समय के लिए पॉलिसी बेचने का लालच कम होगा। नए नियमों को फीडबैक मिलने के बाद लागू करने की उम्मीद है और इसे जनवरी, 2027 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।