अब ग्राहक संतुष्टि तय करेगी बीमा कंपनी के CEO का वेतन
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत बीमा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का वेतन अब इस बात पर तय होगी कि वे अपने ग्राहकों के साथ कैसा बर्ताव करते हैं।
इसमें देखा जाएगा कि वे क्लेम को कितनी जल्दी निपटाते हैं, शिकायतों को कैसे सुलझाया जाता है और पॉलिसियों का रिन्यूअल कितनी आसानी से होता है। ये सब बातें CEO के वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ उनके काम का आकलन करने में भी गिनी जाएंगी।
इतना ही नहीं बीमा कंपनियों को पिछले 3 साल का क्लेम डाटा भी सबके सामने रखना होगा। इससे आपको यह जानने में आसानी होगी कि कंपनी कितने क्लेम पास करती है और कितने रिजेक्ट करती है।
कंपनियां कमीशन और प्रीमियम पॉलिसी करेंगी प्रकाशित
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बीमा कंपनियों को अपनी कमीशन और प्रीमियम पॉलिसी के साथ-साथ पिछली बार हुए प्रीमियम बढ़ोतरी का ब्यौरा भी देना होगा।
इसका मकसद यही है कि बीमा क्षेत्र में लोगों का भरोसा बढ़े और कंपनियों की जवाबदेही तय हो। हालांकि, कुछ जानकारों का कहना है कि ये बदलाव गलत तरीके से पॉलिसी बेचने जैसे बड़े मुद्दों को हल नहीं कर पाएंगे।
साथ ही, यह भी देखना होगा कि IRDAI इन नियमों को कितनी सख्ती से लागू कर पाता है। पॉलिसीधारकों को इन नए नियमों से कितना फायदा मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां इन्हें कितनी ईमानदारी से अपनाती हैं।