ईरान के अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद कच्चा तेल महंगा
बुधवार (9 सितंबर) को कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया। यह तब हुआ जब ईरान ने खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
ईरान के इन हमलों का निशाना 2 अमेरिकी विध्वंसक जहाजों के साथ-साथ जॉर्डन में बताया गया एक अमेरिकी ठिकाना भी था। उसने यह कदम अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए उठाया है, जिसमें उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि जॉर्डन की हवाई रक्षा प्रणाली ने ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जो 2 मिसाइलें जमीन पर गिरीं, उनसे कोई हताहत नहीं हुआ।
ब्रेंट क्रूड 99.49 डॉलर पर पहुंचा
ब्रेंट क्रूड 99.49 डॉलर (करीब 9,450 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 94.63 डॉलर (करीब 9,000 रुपये) के स्तर पर जा पहुंचा।
अगस्त की शुरुआत से ही दामों में लगभग 25 फीसदी की तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है।
मार्को रुबियो ने दी ईरान को चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर, उसने हमला करना बंद नहीं किया तो वह अपने तेल टैंकर खो देगा। इसी सप्ताह की शुरुआत में पिछले 2 दिनों में एक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर मिसाइल हमले की कोशिश के बाद अमेरिका ने ईरान के 5 तेल ले जाने वाले जहाजों को तबाह कर दिया था। इस घटना ने दुनियाभर में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।