ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
सोमवार को तेल की कीमतों में तेजी से उछाल देखने को मिला। इसकी वजह है ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देना। यह समुद्री रास्ता दुनिया में कच्चे तेल सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है।
इस फैसले के बाद ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर (करीब 7,700 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया, वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 79 डॉलर (करीब 7,500 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया।
इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आगे तेल की कीमतें किस करवट बैठती हैं। ईरान ने बताया कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते की पहली शर्त का खुले तौर पर उल्लंघन किया है। इसके साथ ही, दक्षिणी लेबनान में जायोनी शासन लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। यह जानकारी खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने एक बयान जारी कर दी है।
AI के दम पर एशियाई बाजारों में बढ़त
तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में जारी तनाव की चिंताओं के बावजूद एशियाई शेयर बाजारों में आज ज्यादातर बढ़त देखी गई। खासकर तकनीकी शेयरों वाले बाजारों में खूब उछाल आया।
जापान का निक्केई 225 और ताइवान का TAIEX दोनों ने तो नए रिकॉर्ड ही बना दिए, वहीं दक्षिण कोरिया के कोसपी में भी अच्छी-खासी बढ़त दर्ज हुई।
हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में थोड़ी गिरावट जरूर आई, क्योंकि कुछ निवेशकों ने मुनाफा वसूली की, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक बना रहा, जिसकी बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों में दिखी मजबूत ग्रोथ थी।