होर्मुज जलडमरूमध्य की रुकावट के बाद IOC ने बदला कच्चे तेल खरीदने का तरीका
अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद फरवरी के आखिर से वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें आई हैं। इन्हीं रुकावटों के चलते इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने कच्चा तेल खरीदने का अपना तरीका बदल दिया है। पहले IOC 50 फीसदी कच्चा तेल हाजिर बाजार से खरीदता था, जो अब बढ़कर करीब 84 फीसदी हो गया है।
पेट्रोलियम कंपनी के वित्तीय निदेशक अनुज जैन ने बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे प्रमुख शिपिंग मार्गों में आई बाधाओं के कारण कंपनी ने पश्चिमी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से अधिक तेल लेना शुरू किया है।
कच्चे तेल के दाम बढ़ने से हुआ घाटा
IOC भारत की लगभग एक-तिहाई रिफाइनिंग क्षमता का संचालन करता है और उसका लक्ष्य 2027-28 तक प्रतिदिन 17 लाख बैरल तक पहुंचना है।
पिछली तिमाही में भले ही कंपनी को 2,661 करोड़ रुपये का घाटा हुआ हो, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण था।
फिर भी कंपनी ने कच्चे तेल की प्रोसेसिंग में रिकॉर्ड बनाया है। रिफाइनरी के उपयोग में भी सुधार हुआ है और ईंधन की बिक्री के साथ-साथ बाजार हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी देखी गई है।