सितंबर तिमाही में निवेशकाें ने इक्विटी म्यूचुअल फंड से निकाले 1.25 लाख करोड़ रुपये
सितंबर तिमाही में इक्विटी म्यूचुअल फंड से पैसा निकालने में बड़ी तेजी देखी गई। निवेशकों ने कुल 1.25 लाख करोड़ रुपये निकाले, जो पिछली तिमाही से 19 फीसदी ज्यादा है।
दुनियाभर के बाजारों और अर्थव्यवस्था में छाई अनिश्चितता के चलते कई लोगों ने अपना पैसा निकाल लिया। खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स से ज्यादा निकासी हुई।
निफ्टी 50 और सेंसेक्स में 5 फीसदी की गिरावट
बाजार के लिए यह समय थोड़ा मुश्किल रहा। निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 के लिए तो यह 2018 के बाद से सबसे खराब सितंबर महीना रहा। इसकी मुख्य वजह विदेशी निवेशकों का बाजार से पैसा निकालना और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। हाइब्रिड फंड भी इससे अछूते नहीं रहे। इनमें भी निकासी 12 फीसदी तक बढ़ गई।
हालांकि, जानकारों का कहना है कि अगर, सोच-समझकर निवेश किया जाए तो लंबी अवधि में अच्छा मुनाफा मिल सकता है। उनका मानना है कि भारतीय इक्विटी बाजार में अभी भी बढ़ने की काफी गुंजाइश है।