भारतीय रियल एस्टेट में हुआ करीब 390 अरब रुपये का रिकॉर्ड निवेश
भारत के रियल एस्टेट बाजार ने महामारी के बाद से सबसे शानदार शुरुआत की है। इस साल की पहली छमाही में इसमें संस्थागत निवेशकों ने 4.1 अरब डॉलर (करीब 390 अरब रुपये) का भारी निवेश किया, जो पिछले साल के मुकाबले 58 फीसदी की बढ़त है।
यह जबरदस्त उछाल दिखाता है कि स्थानीय और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों का भरोसा भारत पर लौटा है और उनकी दिलचस्पी भी बढ़ रही है।
GCCs के विस्तार की वजह से बढ़ा निवेश
दूसरी तिमाही में ही 2.7 अरब डॉलर (करीब 250 अरब रुपये) का निवेश दर्ज किया गया। यह निवेश मुख्य रूप से कॉमर्शियल रियल एस्टेट में आया, जिसकी बड़ी वजह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का तेजी से विस्तार है। वेस्टियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्रीनिवास राव मानते हैं कि जैसे-जैसे वैश्विक अनिश्चितताएं कम होंगी, भारत निवेशकों के लिए और भी ज्यादा आकर्षक विकल्प बनेगा।
दूसरी तरफ, गोल्डन ग्रोथ फंड के CEO अंकुर जालान बताते हैं कि घरेलू निवेशक भारत के साफ-सुथरे नियमों और मजबूत आर्थिक संभावनाओं पर पूरा भरोसा दिखा रहे हैं।