अगले वित्त वर्ष में महंगाई दर बढ़कर 4.9 फीसदी होने का अनुमान
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगले वित्त वर्ष 2027 में महंगाई दर 4.9 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। यह पिछले वित्त वर्ष 2026 के 2.1 फीसदी से दोगुने से भी ज्यादा है। इसलिए, आम लोगों को चीजों के दाम बढ़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।
कच्चे तेल के दाम बढ़ने, खाने-पीने की चीजों का महंगा होना और दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है।
यह अनुमानित 4.9 फीसदी की दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 4 फीसदी के 'कंफर्ट जोन' से कहीं ज्यादा है, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
GDP ग्रोथ में भी गिरावट का अनुमान
अर्थशास्त्रियों को अब कच्चे तेल के दाम 95 डॉलर (करीब 8,800 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा, अल नीनो की वजह से फसलों पर बुरा असर पड़ सकता है और रुपए का लगातार कमजोर होना भी महंगाई पर दबाव बढ़ा रहा है।
इतना ही नहीं देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ भी 2026 के 7.6 फीसदी से घटकर वित्त वर्ष 2027 में 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है।
इन सभी बदलावों के बावजूद RBI फिलहाल ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी न करे, ऐसी संभावना है। हालांकि, अगर महंगाई लगातार बढ़ती रही तो बाद में उसे इस पर कोई बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।