एक करोड़ रुपये की आय वालों को ITR में देनी होंगी ये जानकारियां
अगर, वित्त वर्ष 2025-26 में आपके बिजनेस से होने वाली कुल आय एक करोड़ रुपये से ज्यादा रही है तो आपको अपनी सभी संपत्तियों और उधारी का पूरा ब्योरा देना होगा।
यह जानकारी 31 अगस्त तक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय देनी है। यह नियम व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) पर लागू होता है।
इसका मुख्य मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है। अगर, आप यह जानकारी नहीं देते या अधूरी देते हैं तो आयकर विभाग आपकी जांच कर सकता है।
इन संपत्तियों की देनी होगी जानकारी
आपको अपनी संपत्ति और उस पर लिए गए कर्ज (लोन) का पूरा लेखा-जोखा देना होगा। इसमें जमीन, मकान, वाहन, गहने, शेयर और हाथ में मौजूद नकद जैसी हर कीमती चीज शामिल है।
साथ ही, उन सभी कर्जों की जानकारी भी देनी होगी, जो इन संपत्तियों से जुड़े हैं। अप्रवासी भारतीय (NRI) और वे लोग जो सामान्य तौर पर भारत में नहीं रहते, अगर उनकी आय एक करोड़ रुपये से ज्यादा है तो उन्हें केवल भारत में मौजूद अपनी संपत्ति और उधारी की रिपोर्ट देनी होगी।
अगर, आपको कोई बड़ी संपत्ति विरासत में मिली है या गिफ्ट में मिली है तो उसकी कीमत बताने के लिए भी खास नियम तय किए गए हैं। जो कंपनियां ITR-6 फॉर्म का इस्तेमाल करती हैं, उनके लिए रिपोर्टिंग के अलग शेड्यूल AL-1 और AL-2) बनाए गए हैं। अगर, आप 31 मार्च तक अपने सभी रिकॉर्ड्स अपडेट रखते हैं तो फाइलिंग के समय आपको काफी सहूलियत होगी।