भारतटेक ने सरकार से की गिग वर्क्स पर लगने वाले टैक्स नियम को बदलने की मांग
ओला, स्विगी, जोमैटो और पोर्टर जैसे स्टार्टअप्स का प्रतिनिधित्व करने वाला भारतटेक सरकार से मांग कर रहा है कि गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म्स जिस तरह से पैसा देते हैं, उस व्यवस्था पर दोबारा विचार किया जाए।
अभी की व्यवस्था के हिसाब से एग्रीगेटर्स को अपने सालाना टर्नओवर का 1-2 फीसदी हिस्सा देना पड़ता है, जबकि इस रकम का कुछ हिस्सा असल में वर्कर्स तक नहीं पहुंच पाता। इस वजह से कुछ कंपनियों पर दूसरों के मुकाबले ज्यादा बोझ पड़ रहा है।
गिग पे पर लेवी लगाने का प्रस्ताव
भारतटेक का सुझाव है कि इस लेवी को इस तरह से बदला जाए कि यह केवल उसी रकम पर लगे, जो असल में गिग वर्कर्स को दी जाती है। उनका कहना है कि इससे सभी तरह के प्लेटफॉर्म्स के लिए यह व्यवस्था न्यायसंगत हो जाएगी और हर कंपनी की वास्तविक कर्मचारी संख्या के हिसाब से सही मदद मिल पाएगी।
अभी तक स्विगी और जोमैटो जैसी बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं आया है, लेकिन अगर, यह बदलाव होता है तो भारत में गिग वर्कर्स को मिलने वाले सहयोग के तरीके पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।