भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के पार
भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा इस साल 100 अरब डॉलर (करीब 9,500 अरब रुपये) के आंकड़े को पार कर गया है। 2026 की पहली 3 तिमाहियों के बाद यह 105.93 अरब डॉलर (करीब 10,000 अरब रुपये) पर पहुंच गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान चीन को भारत के निर्यात में 40 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं चीन से होने वाला आयात भी 23.3 फीसदी बढ़कर 2026 के पहले 9 महीनों में 125.19 अरब डॉलर () हो गया।
BRICS सम्मेलन में व्यापार असंतुलन पर हुई बात
यह लगातार बढ़ता व्यापार घाटा, जो अब 105.93 अरब डॉलर (करीब 11,500 अरब रुपये) तक पहुंच गया है। यह साफ दिखाता है कि भारत, चीनी सामानों पर कितना निर्भर है।
खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य तैयार उत्पाद बड़ी संख्या में चीन से आते हैं। यह मुद्दा हाल ही में हुए ब्रिस्क (BRICS) शिखर सम्मेलन में भी एक अहम विषय था।
शिखर सम्मेलन में मौजूद नेताओं ने दोनों देशों के लिए बाजार तक सही पहुंच और व्यापार संतुलन को बेहतर बनाने के तरीकों पर गंभीरता से चर्चा की।