वित्त समिति करेगी अर्थव्यवस्था पर बाहरी चुनौतियों के असर का मंथन
देश की शीर्ष वित्त समिति 2025-26 के लिए अर्थव्यवस्था की गहराई से समीक्षा करेगी। दुनियाभर में चल रहे व्यापारिक तनावों और भू-राजनीतिक उथल-पुथल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कई विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह समिति विकास, महंगाई, रोजगार और निवेश की स्थिति का आकलन करेगी।
इसके साथ ही, समिति यह भी समझेगी कि इन बाहरी चुनौतियों का हमारी अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो सकता है।
RBI को अर्थव्यवस्था धीमी पड़ने का अनुमान
2025-26 के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.7 फीसदी रही, जो काफी मजबूत है। इसमें 2026 की शुरुआत में भी जोरदार उछाल देखने को मिला।
हालांकि, RBI का अनुमान है कि 2026-27 में अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। केंद्रीय बैंक ने अगले साल के लिए 6.6 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया है। इस अनुमानित गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया के संघर्षों के कारण बढ़ी हुई तेल और खाद की कीमतें बताई जा रही हैं।