NSE और जियो के IPO से भारत की डिजिटल और आर्थिक तरक्की होगी मजबूत
भारत का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बाजार अब एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और जियो प्लेटफॉर्म्स दोनों ही बड़े पैमाने पर शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रहे हैं।
करीब 10 साल के इंतजार के बाद NSE ने आखिरकार बुधवार को अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस (DRP) जमा कर दिया। अगले ही दिन रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि जियो का ड्राफ्ट मंजूर हो गया है और अब इसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को सौंपा जाएगा। ये सारे कदम भारत की डिजिटल और वित्तीय तरक्की की दिशा में आगे बढ़ने का मजबूत संकेत देते हैं।
NSE बेचेगी 6 फीसदी हिस्सेदारी
NSE अपने ऑफर फोर सेल (OFS) के तहत शेयरधारकों को 6 फीसदी शेयर बेचने का मौका देगा। इससे कंपनी 30,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है और एक्सचेंज का मूल्यांकन 5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।
दूसरी ओर, जियो 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इसका लक्ष्य 34,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाना है, जिससे इसका मूल्यांकन 65 से 70 अरब डॉलर (करीब 6,100-7,100 अरब रुपये) के बीच पहुंच सकता है।
ये दोनों कंपनियां भारत के आर्थिक बदलाव को गति दे रही हैं। NSE अपने मजबूत मुनाफे के साथ बाजार की अग्रणी कंपनी के रूप में उभर रही है, वहीं जियो टेलीकॉम से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एंटरप्राइज तकनीक के क्षेत्र में अपना विस्तार कर रही है।