अप्रैल में शुद्ध विदेशी निवेश 5 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में शुद्ध विदेशी निवेश (FDI) अप्रैल में बढ़कर 6.6 अरब डॉलर (करीब 600 अरब रुपये) हो गया है। मई, 2021 के बाद यह सबसे ज्यादा है।
लगातार कई महीनों तक नकारात्मक आंकड़े देखने के बाद यह एक बड़ा बदलाव है। मार्च के 91.70 करोड़ डॉलर (करीब 8,500 करोड़ रुपये) के मुकाबले यह आंकड़ा काफी ज्यादा है।
इस जोरदार उछाल की मुख्य वजह कुल FDI निवेश में 65 फीसदी की बढ़ोतरी रही, जो बढ़कर 15.3 अरब डॉलर (करीब 1,400 अरब रुपये) तक पहुंच गया।
भारत के बाहर जाने वाले FDI में भी उछाल
अप्रैल में कुल FDI का 75 फीसदी से अधिक हिस्सा जापान, सिंगापुर और मॉरिशस से आया है। यह साफ तौर पर दिखाता है कि ये देश अभी भारत में जमकर निवेश कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, भारतीय कंपनियां भी सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि विदेश में भी अपनी पैठ बना रही हैं। उनका बाहर किया गया निवेश रिकॉर्ड 4.8 अरब डॉलर (करीब 450 अरब रुपये) तक पहुंच गया, जिसमें से ज्यादातर पैसा अमेरिका और केमैन आइलैंड्स में लगा है।
वित्तीय और विनिर्माण क्षेत्रों ने विदेशों में निवेश के मामले में सबसे आगे रहे, जो बताता है कि भारतीय कंपनियां अब पहले से कहीं ज्यादा वैश्विक हो रही हैं।